मुंम्बई में हुआ बड़ा हादसा, चंद मिंटों में टूटा ब्रिज, गई पांच जानें 40 लोग हुए घायल

राजधानी मुंम्बई उस वक्त दहल गई जब मुम्बई में शिवाजी टर्मीनल के पास बना सीएसटी ब्रिज चंद मिंटों में टूट गया। ब्रिज के गिरते ही आसपास के लोगों में हाहाकार मच गया। लोग अपनी जान बचाने इधर-उधर भागने लगे। जब ये खबर किसी ने भी सुनी तो उसे अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ। हादसा इतना भयानक हुआ कि सबकी आखें फटी की फटी रह गई। बता दें कि इस हादसे में पांच लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है। जबकि इस हादसे में 40 लोग गंभीर रुप से घायल हो गए है, जिनका नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है। महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने हादसे में मारे गए लोगों को 5 लाख और इस हादसे में घायल हुए लोगों को 50 हजार का मुआवजा देने का एलान किया है। इसी के साथ देवेन्द्र फडणवीस ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए है। इस मामलें में आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 304ए लापरवाही के तहत मध्य रेलवे और बीएमसी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज की गई है। इस हादसे ने प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल दी है। वहीं सूत्रों की मानें तो जिस वक्त ये हादसा हुआ उस समय पीक आवर होने के कारण बड़ी संख्या में लोग ब्रिज के नीचे मौजूद थे। जिस जगह ये हादसा हुआ वहा कुछ ही दूरी पर मुंबई पुलिस और नगरपालिका के मुख्यालय भी मौजूद है। इस घटना के संबंध में सैंट्रल रेलवे के डीआरएम डीके शर्मा के मुताबिक जिस ब्रिज के गिरने से ये हादसा हुआ उसकी देख-रेख बीएमसी करती है। ब्रिज को बनाने का कार्य रेलवे ने करवाया है। लेकिन रख-रखाव की जिम्मेदारी बीएमसी पर थी।
अब सवाल ये उठता है कि जब ब्रिज का कार्य पूरी तरह से हुआ नहीं था तो आखिरकार इस ब्रिज को जनता के लिए क्यों खोला गया। अगर ब्रिज को पूरा बनने के बाद चालू किया जाता और उसकी पूरी मैंटेनस की जांच की होती तो शायद इतना बड़ा हादसा होने से बच जाता और साथ ही लोगों को अपनी जान से हाथ धोना नही पड़ता।