झारखंड में चल रहा है राशन माफिया और जंगल राज

झारखंड राज्य में चल रहा है राशन माफिया राज। इस राज्य में बीपीएल या एपीएल कार्ड लेने के लिए गरीब होना अनिवार्य नहीं बल्कि आपके पास दलाल को घूस देने के ललए 3000/- से 5000/- तक रुपया होना चाहिए, फिर चाहे वह प्रत्येक माह लाख रुपया कमाने वाला सरकारी कर्मचारी ही क्यों ना हो। इस राशन-दलाल माफियाओं को कुछ भ्रष्ट पुलिस अधिकारी, झारखंड सरकार के कर्मचारी के साथ-साथ झारखंड खाद्य विभाग का पूरा सहयोग प्राप्त है। सिर्फ बोकारो स्टील सिटी शहर में 20000 फर्जी कार्ड हंै अर्थात 8 करोड़ रूपया (20,000 कार्ड प्रति 4,000 रुपया) इन दलालों की अवैध आय हुई।
इन राशन माफियाओं के कारण भारत प्रत्येक वर्ष अपनी साख अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खोता जा रहा है। वर्ष 2014 में भारत ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई) में 55वंे स्थान पर था, जबकि 2015 में 80वें, 2016 में 97वे, 2017 में 100वां और 2018 में 103 स्थान पर पहुंच गया है। भुखमरी में बांग्लादेश, म्यानमार, नाइजीरिया, नेपाल भी हमारे देश से अच्छी स्थिति में हैं। इन माफियाओं के कारण ही हर साल बहुत सारे अत्यंत गरीब एससी/एसटी समुदाय के लोग भूख से मर रहे हैं, लेकिन सरकार भी इन राशन माफियाओं के आगे घुटने टेक चुकी है। इन राशन माफियाओं के कारण प्रत्येक वर्ष करीब 1000 करोड़ सरकारी धन का गबन सब्सिडियरी के रूप में हो रहा है।
इन माफियाओं का इतना दबदबा है कि अगर कोई इसके खिलाफ आवाज उठाता है या किसी अवैध कार्डधारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाना चाहता है तो उसकी शिकायत दर्ज नहीं होती, फिर भी यदि किसी ने किसी भी माध्यमो से जैसे आॅनलाई शकायत दर्ज कर दी तो अपराधियों पर कार्रवाई ना करके शिकायतकर्ता को ही तंग और ध्मकाया जाता है। ताकि वह अपनी शिकायत वापस ले-ले और कोई दूसरा ये हिमाकत ना करें। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां झारखंड के फुसरो (बोकारो) निवासी अविनाश कुमार ने झारखंड में हो रहे भुखमरी से मौत पर काम करते हुए फर्जी कार्ड बनाने वाले दलालों और कार्डधारियों का पता आर्रटीआई के माध्यम से लगाया था और पूरी साक्ष्य के साथ इनकी शिकायत झारखंड खाद्य विभाग और बोकारो पुलिस को दिया। परंतु खाद्य विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा ना केवल सारे सबूतों को मिटाया गया बल्कि अविनाश कुमार और उनके परिवार वालों को तरह-तरह से तंग किया गया।
फिर भी श्री अविनाश कुमार और उनकी माता द्वारा लगातार ऑनलाइन और अन्य माध्यम जिसमें (मुख्यमंत्री जनसंवाद शामिल हंै) शिकायत दर्ज करवाई। श्री राजेंद्र प्रसाद साव और श्री प्रकाश कुमार दोनों सेल के बोकारो बीएसएल में कई वर्षों से कार्यरत हंै और झारखंड खाद्य विभाग ने भी इन की पुष्टि की है। इतना ही नहीं श्री अविनाश कुमार द्वारा दो बार बोकारो पुलिस में ऑनलाइन एफआईआर भी किया गया था, जिसका ऑनलाइन शिकायत संख्या 807927 और 836539 है।
परंतु दोषियों पर आपराधिक कार्यवाही कर जेल भेजने और लिये गए सब्सिडी लाभ को ब्याज सहित वापस लेने के जगह उनका सिर्फ बीपीएल राशन कार्ड रद्द कर दिया गया है और उन्हें क्लीन चिट दे दिया गया है। इतना ही नहीं इनके द्वारा गलत तरीके से उठाए गए लाभ भी वापस नहीं लिया गया है।
श्री अविनाश कुमार ने बताया कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार उपभोक्ता मामले में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 20/09/2018 को एक विज्ञप्ति जारी की है, जिसमें कहा गया है कि अपराधियों पर आपराधिक कार्यवाही होगी और अपराधी की सजा 7 वर्ष तक की है और किसी भी मामले में 3 माह से कम नहीं है। गलत जानकारी देने के लिए सेक्शन 9 के तहत 5 वर्षों तक की सजा है।
श्री अविनाश कुमार कहते हैं कि इन भ्रष्ट अधिकारियों को किसने अधिकार दिया है कि हमारे द्वारा दिया गया टैक्स का दुरुपयोग करते हुए पेनाल्टी को माफ करें। वह कहते हैं कि मेरे द्वारा प्रत्येक शिकायत पुलिस, खाद्य विभाग, सेल और मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए भ्रष्टाचार और कमाई का नया साधन बन जाता है, और अपराधियों से अधिकारी लोग खुद लाभ कमाते हैं। इसमें झारखंड मुख्यमंत्री कार्यालय और सेल के अधिकारी भी शामिल हैं परंतु उन्हें इस बात की खुशी भी है कि उनके और उनके माता जी के द्वारा लगातार शिकायत करने से कई फर्जी कार्डधारियों ने अपना कार्ड निरस्त करवाए, जिससे सरकार को करोड़ों रुपयों का वार्षिक लाभ हुआ है। परंतु लगातार मिल रही धमकी पुलिस के रवैए और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से दुखी भी हैं। इसलिए श्री अविनाश कुमार कहते हैं यह कहना गलत नहीं होगा कि झारखंड में चल रहा है राशन माफिया और जंगल राज।
हमारे विचार से गरीब हो या अमीर सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाना चाहते हैं फिर वह झारखंड का हो या देश के किसी राज्य का। यह मामला झारखंड का नहीं सम्पूर्ण देश का है, हम सबका है। आज देश को श्री अविनाश कुमार और उनकी माताजी जैसे लोगों की जरूरत है। ऐसे ही लोगों के कारण भ्रष्टाचार, स्वार्थ, लालच पर विजय पाई जा सकती है।
-प्रस्तुति: जावेद रब्‍बानी