भारत सरकार की अध्यक्षता में डिजटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) से संबंधित बैठक समाहरणालय के सभागार में हुई।

मुजफ्फरपुर, 11 जनवरी, 2019: ऑनलाइन भूमि हस्तांतरण, भूअभिलेख का डिजिटललाइजेशन, ऑनलाइन दाखिल खारीज, दस्तावेजों का निबंधन के अंतर्गत चल रही प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी ली तथा पी०पी०टी के माध्यम से इस संबंध में प्रस्तुतिकरण को देखा। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को निर्देशित भी किया कि वे अंचलों में स्वयं जाकर ऑनलाइन जमाबंदी की समीक्षा करें। सरकार के स्तर से उक्त प्रक्रियाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के निराकरण का आश्वासन भी उन्होंने दिया।जिला निबंधन कार्यालय तथा अंचल कार्यालय कुढ़नी का भी निरीक्षण भी किया। अंचल कार्यालय में उन्होंने रेवन्यू का रिकॉर्ड रूम और ऑनलाइन लैंड रिकॉर्ड मेन्टेनेन्स प्रक्रिया को देखा।बैठक में बताया गया कि जिले के 16 अंचलों में हल्कों की संख्या 385 है तथा कुल जमाबंदी की संख्या 19,03,238 है। बताया गया कि इस जिले के 16 अंचलो के 56953 खातों में सन्निहित 2785574 खेसरो की प्रविष्टि हुई है।बैठक में ऑनलाइन लगान भुगतान के बारे में बताया गया कि 2 अक्टूबर से ऑनलाइन लगन भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। पुराने रसीद एवं दाखिल खारिज दस्तावेज के आधार पर बकाया लगान की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। रैयत बैंक खाते से अथवा चालान के माध्यम से लगान भुगतान कर सकते है। बताया गया कि नक्शे की उपलब्धता के लिए वर्तमान में सदर अंचल मुशहरी में प्लॉटर स्थापित है।जिले के 1824 मौजो के अतिरिक्त पूरे बिहार का नक्शा निर्धारित शुल्क भुगतान कर प्राप्त किया जा सकता है।बैठक में बताया गया कि वितीय वर्ष 2018 में दिसंबर माह तक जिले के सभी निबंधन कार्यालय में कुल 42774 दस्तावेज निबंधित किये गए जबकि उक्त अवधि में कुल 171.69 करोड़ का राजस्व की प्राप्ति हुईं। पुराने अभिलेखों का भी डिजिटाइजेशन कार्य जारी है।इस जिला में 1990 तक के अभिलेखों को डिजिटाईज्ड किया जा चुका है।बैठक में जिलाधिकारी,उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, दोनों अनुमंडल पदाधिकारी, सभी उप निबंधक, सभी अंचल अधिकारी उपस्थित थे।
-मुज़फ़्फ़रपुर से राहुल कुमार की रिपोर्ट