नोटबंदी से लोगों को क्या मिला? चिराग पासवान ने अरुण जेटली से पूछा

नई दिल्ली, 22 दिसम्बर, 2018: हाल ही में हुई तीन राज्यों में भाजपा की हार का असर अब नज़र आने लगे हैं। बिहार में उपेंद्र कुशवाहा एनडीए छोड़ चुके हैं। लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और सांसद चिराग पासवान ने नोटबंदी से हुए फ़ायदों को पूछने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली को चिट्ठी लिखी। चिराग पासवान केंद्र में एनडीए की सहयोगी लोकजनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे हैं और बिहार के जमुई से सांसद हैं।
एक मीडिया खबर के मुताबिक़, चिराग पासवान ने 12 दिसंबर को जेटली को एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें चिराग पासवान ने लिखा था, ‘नोटबंदी के दो साल पूरे हो चुके हैं और 2019 का लोकसभा चुनाव नजदीक है, ऐसे में मुझे इस बात की जानकारी चाहिए कि नोटबंदी से जनता को क्या-क्या फ़ायदे हुए हैं जिसे मैं अपने लोकसभा क्षेत्र के लोगों को भी बता सकूँ।’ चिराग पासवपन केंद्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। चिराग ने चिट्ठी में मंत्री को 2016 में नोटबंदी होने के लगभग 10 दिन बाद 17 नवंबर को लिखी गई चिट्ठी के बारे में भी याद दिलाया है। चिराग ने तब उनके संसदीय क्षेत्र में लोगों को नोट बदलने को लेकर हो रही दिक़्क़तों के बारे में मंत्री को चिट्ठी लिखी थी।
इन दिनों 2019 लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में सीटों को तय करने को लेकर लोकजनशक्ति पार्टी और भाजपा में तनातनी चल रही है। सीटों को तय करने को लेकर गुरुवार 20 दिसम्बकर की शाम को ही रामविलास और चिराग पासवान ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। केंद्र में एनडीए के सहयोगी रहे राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा सीटों की तनातनी को लेकर पहले ही एनडीए छोड़कर अब यूपीए में शामिल हो चुके हैं।
भाजपा की सेमीफाइनल में हुई करारी हार के कारण राजनीति के मैदान में कीमत या भाव बहुत गिर गया है और इसी का जुर्माना सहयोगी दल चाहते हैं। इस बात से कतई इंकार नही किया जा सकता है कि भाजपा के लोगों ने गौमांश, लिचिंग और भडकाऊ बयानों से मोदी सरकार को बदनाम करने में कोई कसर नही छोड़ी वहीं दूसरी तरफ सरकार के कुछ फैसलों से जनता का गुस्सा विधान सभा के चुनावों में दिखा। यह कहा जा सकता है कि भाजपा को बदनाम करने में घर के अंदर के लोगों का बहुत बड़ा हाथ है। जहां तक चिराग पासवान की बात है उनका यह सवाल बिल्कु ल सही है कि वे अपने क्षेत्र के लोगों को क्या बताएं, अपने लोगों के सवालों का क्या जवाब दें।
-आईटीएन डेस्‍क