जौनपुर की ये लड़की बनी मिस इंडिया नार्थ, ताज हासिल कर रोशन किया जिलें का नाम

कहते है कि जब इरादे नेक और होंसले बुलंद हो तो किसी भी मुकाम को हासिल कर पाना मुश्किल नहीं होता। आज बेटियां ही हैं जो बेटों को पीछे छोड़कर काफी आगे निकल रहीं हैं। लड़कियां अपने माता-पिता के साथ-साथ देश का मस्तक भी गौरव से ऊंचा कर रहीं है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जौनपुर जिले के लाईन बाजार कन्हैयापुर गांव की रहनें वाली अन्नया समर्थ ने। आज अन्नया के सितारे जिन बुलंदियों पर हैं वो अन्नया की कड़ी मेहनत और लगन का ही नतीजा है।
अन्नया ने लॉयन कल्ब की ओर से आयोजित की गई मिस जौनपुर प्रतियोगिता में 30 प्रतिभागियों को मात देकर मिस नार्थ इंडिया का ताज अपने नाम कर लिया। सूत्रों की मानें तो फर्स्ट रनैर अप वंशिका गुप्ता रहीं और सेकेंड रनैर अप छवि बरनवाल को मिला। मिस ड्रिमी आईज का खिताब अंजली सिंह के हाथों लगा। मिस स्वीटेस्ट स्माइल का खिताब आकांक्षा जायसवाल ने जीता। सिल्की हेयर में निधी अस्थाना को चुना गया। निर्णायक की भूमिका में पूर्व मिसेज जौनपर नंदिनी पांडेय, और डा स्मिता टंडन थी। अन्नया डा. रिजवी लनर्स एकेडमी की ग्यारहवी की छात्रा है। मिस नार्थ का ताज हासिल कर अन्नया ने अपनें माता-पिता का नाम तो रोशन किया ही साथ ही अपने जिले जौनपुर का नाम भी रोशन किया है। उनकी इस सफलता से जौनपुर जिले में खुशी का माहौल है। इससे पहले भी अन्नया ने 16 वर्ष की आयु में मिस बेबी आयकान बनकर अपने गांव व जिले का नाम पहले भी रोशन कर चुकी है। अन्नया ने अपनी कामयाबी के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि उनके माता पिता ने उन्हें हमेशा से ही सपोर्ट करते आए है।
अन्नया की माता मृदुला श्रीवास्तव एक अधिवक्ता है। वहीं पिता सेल टैक्स विभाग में तैनात हैं। अन्नया की जीत पर उनके माता पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने उन्हें कभी निराश नहीं किया। अन्नया ने संस्कारों का हमेशा ध्यान रखा है। वहीं अन्नया ने कहा कि उनकी इस कामयाबी में उनके मता-पिता का विशेष योगदान रहा है। वो आगे भी इसी तरह देश, प्रदेश और जिले का नाम रोशन करती रहेंगी। अब अन्नया की इच्छा है कि वो एश्वर्या की तरह मिस इंडिया का खिताब हासिल करें। बहराल अन्नया को मिस इंडिया का खिताब कब हासिल होता है। ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल अन्नया ने मिस नार्थ इंडिया का ताज हासिल कर दिखा दिया है कि भारत की बेटिया भी अपने देश को वो गौरव और सम्मान दिला सकती है जिनकी आस मा-बाप बेटों से लगाये रखते हैं। अन्नया देश की हर बेटियों के लिए एक प्रेरणा है जिन्हें उनके माता-पिता बेटों से कम आंकते हैं।
-प्रस्तुहति: विजय भाटिया