जब ठंड में सताये जोड़ों का दर्द

नई दिल्ली, 14 दिसम्बउर, 2018: जोड़ों का दर्द एक ऐसी बेचौनी होती है जो किसी भी जोड़ में हो सकती है, जोड़ ऐसा बिंदु जहां दो या अधिक हड्डियां मिलती हैं। जोड़ों के दर्द को कभी-कभी अर्थराइटिस या अर्थरैलजिया कहते हैं। जोड़ों का दर्द सामान्य से गंभीर होता है। ये तब-तब होता है जब आप अपने जोड़ों को हिलाते हैं। सामान्य दर्द को तो आप खानपान और जीवनशैली में परिवर्तन लाकर ठीक कर सकते हैं, लेकिन गंभीर दर्द के लिये उपचार की आवश्यकता होती है। एक अनुमान के अनुसार हर चार में से एक व्यक्यि जोड़ों के दर्द से परेशान है। यह समस्या पुरु षों की तुलना में महिलाओं को अधिक होती है। जोड़ों में दर्द होने के कईं कारण हो सकते हैं जिनमें, बोन फ्लूइड् या मेंम्ब्रेन में परिवर्तन आ जाना। चोट लगना या अंदर किसी बीमारी का पनपना। हड्डियों का कैंसर। अर्थराइटिस। मोटापा, ब्लड कैंसर, उम्र बढऩे के साथ जोड़ों के बीच के कार्टिलेज कुशन को लचीला और चिकना बनाए रखने वाला लुब्रीकेंट कम होना। लिगामेंट्स की लंबाई और लचीलापन भी कम हो जाता है, जिसकी वजह से जोड़ अकड़ जाते हैं।
अटलांटा अस्पताल के मेनेजिंग डायरेक्टर एंड आथ्र्राेपेडिक्स सर्जन डा.अमित त्यागी ने बताया कि जोड़ों के दर्द खासकर अर्थराइटिस का कोई उपचार नहीं है लेकिन कुछ उपाय हैं जिन्हें अपनाकर इसकी चपेट में आने से बचा जा सकता है या इसकी चपेट में आने पर लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज शॉक एब्जार्रबर के समान कार्य करते हैं। आर्थराइटिस के कारण कार्टिलेज को नुकसान पहुंचता है। यह 70 प्रतिशत पानी से बने होते हैं इसलिए ढेर सारा पानी पिएं। कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों जैसे दूध, दुग्ध उत्पादों, ब्रोकली, सालमन, पालक, राजमा, मुंगफली, बादाम, टोफु आदि का सेवन करें। विटामिन सी और डी जोड़ों के लिए बहुत उपयोगी हैं इसलिए विटामिन सी और डी से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे स्ट्रांबेरी, संतरे, किवी, पाइनएप्पकल, फूलगोभी, ब्रोकली, पत्ता्गोभी, दूध, दही, मछिलयों आदि का सेवन करें। सूर्य के प्रकाश में भी कुछ समय बिताएं, इससे आपको विटामिन डी मिलेगा। वजन को नियंत्रण में रखें। वजन अधिक होने से जोड़ों जैसे घुटनों, टखनों और कुल्हों पर दबाव पड़ता है। नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग करें ये जोड़ों की जकडऩ को कम करने में सहायता करते हैं। लेकिन ऐसे व्यायाम करने से बचें जिससे जोड़ों पर अधिक दबाव पड़ता है। शराब और धुम्रपान का सेवन जोड़ों को नुकसान पहुंचाता है।
डा.अमित त्यागी इस बारे में जानकारी देते हुए कहते है कि सर्दियों में जोड़ों का दर्द अधिक सताता है क्योंकि इन दिनों लोग आराम अधिक करते हैं और शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है। दिन छोटे और रातें बड़ी होने से जीवनशैली बदल जाती है, खानपान की आदतें भी बदल जाती हैं। लोग व्यायाम करने से कतराते हैं जिससे यह समस्यात और गंभीर हो जाती है। अगर जोड़ों के दर्द के साथ निम्न समस्याएं हों तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, सूजन, लालपन। जोड़ों का उपयोग करते समय समस्या होना। अत्यधिक दर्द।
पेन रिलीवर का उपयोग करें। जोड़ों के इस प्रकार के उपयोग से बचें जिससे दर्द हो या अधिक गंभीर हो जाए। प्रतिदिन कुछ बार 15-20 मिनिट तक आइस पैक लगाएं। खुद को गर्म रखें, अगर आपका शरीर गर्म होगा तो आपके जोड़ कड़े नहीं होंगे। पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। अपने नियमित समय पर व्यारयाम करें जिससे आपके जोड़ों का लचीलापन बना रहे, मांसपेशियों की शक्ति बने रहे और हड्डियों की डेनसिटी बनी रहे। लगातार एक ही स्थिति में न बैठे रहें। अपना पॉस्चर बदलें और थोड़ी-थोड़ी देर चहल-कदमी भी कर लें।
-प्रस्तुिति: उमेश कुमार सिंह