आपके कंप्यूटर पर अब सरकार की इन दस आखों की नज़र

देश की सुरक्षा को बनाये रखने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार आम लोगों की जिन्दगी में झांकने लगी है। अब आपके निजी कंप्यूटर में होने वाले हर चीज का डाटा देखने का हक अब सरकार को होगा। अब किसी भी व्यक्ति के कंप्यूटर में जेनरेट, ट्रांसमिट, रिसीव और स्टोर किए गए किसी भी दस्तावेजों को देख सकती है। अगर कोई अपराधिक मामलों में दोषी पाया जाता है तो उसे दस साल की सजा हो सकती है। सरकार को लगता है कि देश में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ने लगी है। देश में अपराध को बढ़ावा देने में दुश्मपन देश का हाथ है। अपराधिक तत्व सेना के अधिकारियों और उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों से जानकारी हासिल करते पाए गए है। देश के कई इलाकों से ऐसे लोग पकड़े जा चुके है जो खुफिया जानकारिया बाहर भेज रहे है। वहीं अब कंप्यूटर के माध्यम से साईबर क्राईम को बढ़ावा मिला है। बता दे कि आईटी की धारा-69 में कहा गया है यदि किसी एजेंसी या किसी संस्थान या किसी व्यक्ति पर देशविरोधी मामले में लिप्त होने का शक होता है तो धारा 69 के तहत देश की प्रमुख सुरक्षा ऐंजसियां- इंटेलिजंस ब्यूरों, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरों, प्रवर्तन निदेशालय, सेंट्रल बोर्ड आफ डायरैक्ट टैक्स, डायरेक्टरेट आफ रेवेन्यू इंटेलिजियंस, सीबीआई, एऩआइए, कैबिनेट सेक्रेटरियट (रा), दिल्ली कमीश्नर आफ पुलिस, डायरेक्टरेट आफ सिंग्नल इंटेलिजेंस, किसी भी व्यक्ति और संस्थान के डेटा की जांच कर सकती है। वहीं इस बात को लेकर राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। जिसके बाद वित मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आम लोगों को इससे दूर रखा जाएगा। उनका इस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा- कि अब मोदी जी भारत को पुलिस राज में तबदील करना चाहते हैं इनसे समस्याओं का समाधान नहीं होनें वाला है। इससे आप एक अरब से ज्यादा भारतीयों के सामने सिर्फ यह साबित कर रहे है कि आप कितने आशंकित तानाशाह हैं। वहीं इस संबंध में असद्ददुदीन ओवैसी का कहना है- कि मोदी ने सरकार के एक सामान्य आदेश का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रीय जांच एजसियों को हमारे संचार की जासूसी करने की इजाजत दे दी है। किसे पता था जब वो कहते थे घर-घर मोदी तब उनका मतलब यह था।
जार्ज आर्गवेल के बड़े भाई यहा है और 1984 में आपका स्वागत है। बता दे कि भाजपा का विधानसभा चुनावों में सूपड़ा साफ होने के बाद ही सैक्शन 69 के इस आदेश को फिर से लागू किया गया है। भाजपा नहीं चाहती कि जिस प्रकार उसे विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने धूल चटाई वैसी स्थति दोबारा उत्पन्न न हो इसी के चलते भाजपा अब साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में कोई भी मौका गवाना नहीं चाहती है।
-प्रस्तुति: विजय भाटिया