सुनो बेटीओ शस्त्र उठाओ

सुनो बेटीओ शस्त्र उठाओ, अपने दुश्मन को धूल चटाओ |
मत समझो तुम नारी हो, नारी शक्ति का अहसास कराओ |
मत भूलो झांसी की रानी वो भी तो एक नारी थी |
चली अकेली लोहा लेने वो योद्धा बलकारी थी |
जब जब धरती पर संकट आया |
माँ दुर्गा ने त्रिशूल उठाया |
नाश करोगी तुम पापी का हम तुम्हारे साथ है |
नेता मंत्री और विधायक करते उलटी बात है |
कैसे कहुँ की मदद करेगा देश का क़ानून हमारा
बिक गया है वो भी चंद सिक्को के द्वारा |
नारा देते है बेटी बचाओ एक तरफ मरवाते है |
6 – 6 महीने के अंदर दोषी नहीं पकडे जाते है |
क्या होगा इस भारत का कैसे में व्यख्यान करुँ |
रो उठता है दिल मेरा कैसे इसमें धीर धरु |
इन पापियों को अब तो मुँह तोड़ जबाब देना होगा |
खुद सस्त्र उठाकर हाथो में इनका संघार करना होगा |
रूह काँप जायेगी इनकी ऐसी पहल हम लाएंगे |
तब बेटी बचाओ का नारा हम ख़ुशी खुशी चिल्लायेंगे |
-दीपक निगम