सरदार पटेल की मूर्ति बनी दुनिया की सबसे विशालकाय मूर्ति

नई दिल्‍ली, 31 अक्‍टूबर, 2018: कहते है कि मूर्तिकार वो है जो किसी भी मिट्टी को भव्य मूर्ति को भव्‍यता और सुन्‍दर स्वरुप देता है। स्‍टेच्‍यू आफ यूनिटी का डिजाईन तैयार करने वाले शिल्पकार राम सुतार जिन्‍होंने देश के गौरव सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का ऐसा डिजाईन तैयार किया जिसकी सुन्दरता और भव्‍यता देखते ही बनती है। इस मूति को बनाने का ठेका विदेशी कंपनी लार्सेन एंड टूबरो को दिया गया था, लेकिन कलाकारी तो उन्ही की है। इससे पहले भी रामसुतार अपनी मूर्तिकारी कला का नमूना कई जगह दिया है ।
संसद भवन में लगी 16 मूर्तिया है जिनको बनाने में उन्ही के हाथों की कला है। वहीं राम सुतार ने गांधी, इंदिरा, मौलाना आजाद की भव्य मूर्तियों का निर्माण भी राम सुतार ने ही किया है। राम सुतार की कला को देखकर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी भी बड़े ही खुश हुए । जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में सरदार पटेल की मूर्ति के डिजाईन बनाने का सारा जिम्मा राम सुतार को दिया। राम सुतार को साल 1999 में पदमभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।
स्‍टेच्‍यू आफ यूनिटी देश के गौरव सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुकी है इसका उदघाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 31 अक्टूबर को करेंगे। आज यह विश्व की सबसे बड़ी सरदार पटेल की मूर्ति बन गई है जो अमेरिका के स्टचयू आफ लिबर्टी से भी बड़ी है। स्टचयू आफ लिबर्टी की उचाई लगभग 93 मीटर है जबकि सरदार पटेल की स्‍टेच्‍यू आफ यूनिटी मूर्ति की लम्बाई इसकी दोगुनी 182मीटर है। इसको बनाने में 3000 करोड़ की लागत के लगभग आई है। आज के दिन 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती है। वहीं अपनी उचाई के चलते ये दुनिया दुनिया की ये सबसे विशालकाय मूर्ति बन गई है वहीं दूसरे स्थान पर चीन के स्प्रिंग मंदिर में भगवान बुद्ध की प्रतिमा है जिसकी उंचाई 153 मीटर है। गुजरात सरकार को उम्मीद है कि सरदार पटेल की इस विशालकाय मूर्ति को देखने अब देश से ही नहीं बल्कि विदेशो से भी पर्यटक मूर्ति को देखने आएगें। इस प्रतिमा को सिंधु घाटी की सभ्यता के समय की कला से बनाया गया है। इस मूर्ति को बनाने में तांबे का प्रयोग किया गया है। इस मूर्ति को बनाने में 85 फीसदी तांबे का इस्तेमाल किया गया है।
-विजय भाटिया