भीड़ का क़ानून हाथ में लेना चिन्ताजनक

हालही में भीड़ द्वारा महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में दो लोगों को पीट-पीट के हत्या कर दी जाती है इसका कारण क्या था? इससे पहले असम के कार्बी आंग्लोंग जिले में भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में पेशे से इंजीनियर नीलोत्पल दास और गुवाहाटी के व्यवसायी अभिजीत को पीट-पीटकर मार दिया जाता है। कुछ दिन पहले दिल्ली में खुले में दो लड़कों को पेशाब करने से रोकने पर एक ई-रिक्शा चालक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। झारखंड में बच्चा चोरी की झूठी अफवाहों के कारण भीड़ ने 6 निद्रोष लोगों को पीट-पीटकर मार डाला गया। यह अधिकार इन जानवरों को किसने दिया? भीड़ की भेंट दिल्ली में अखलाक, राजस्थान में पीलू ख़ान, हरियाणा में जुनैद और झारखंड में अलीमुद्दीन ने अपनी जान देकर दी है।
कोई कहता है राम राम बोल, कोई कहता है भारत माता की जय बोल, कोई कहता है कुछ तो कोई जाति सूचक शब्द तो कोई मां बहिन की गाली, तो कोई दाढ़ी पर हाथ डालता है। कानून है, पुलिस है, अधिकारी है, कहां है किसके लिए हैं। कहीं प्रशासन भीड़ और दंगाईयों के साथ चलता है।
भारतीय कानून व्यवस्था पर देश का विश्वास उठ रहा है क्यंूकि यहां न्याय मंे देरी के कारण न्याय के साथ खिलवाड़ होता है। बहुत मामलों में तो न्याय के लिए इंसान दुनिया से ही चला जाता है। कई अपराधिक मामलों में मुज़रिमों को बेल मिल जाती है और अपराधी को शरण मिलने के कारण वह और जोर-शोर से अपराध में लिप्त हो जाते हंै।
यह नफरत की आंधी देश के लिए घातक है। मुस्लिम समाज ने बहुत ही संयम से इन तमाम घटनाओं को देशहित में बर्दाश्त किया है। गौमांस खाने की अफवाह, गायों का वध, जानवरों को ले जाने, जानवरों का चमड़ा निकालने यह सब क्या है?
हम जानते हैं कि हमारे देश की संस्कृति क्या है? यह देश अतिथि सत्कार के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सदियों से सभी धर्मों के लोग प्यार, मोहब्बत और भाईचारे से रहते आये हैं। देश की आजादी में सभी धर्मों के लोगों ने बराबर का हिस्सा लिया है। देश की आजादी के बाद यह नफरत क्यूं फैली, क्यूं एक फिरके के जन्म ले लिया? क्यूं यह फिरका हिन्दू, हिन्दू कर रहा है? यह सही है कि हिन्दुस्तान के टुकड़े राजनीति के कारण हुआ और जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। आज जो नफरत है और जो ताने मुसलमानों को सुनने पड़ते हैं वह एक गाली से कम नहीं।
यह धरती, यह दुनिया, दुनिया का हर कोना हर विश्व नागरिक का है। जो जहां रहना चाहे वह वहां अपना घर बना सकता है। आज पूरी दुनिया एक कुटुम्ब की तरह है। हवाई यात्रा और आधुनिक विज्ञान के कारण पूरी दुनिया सिमट गई है। इसलिए आज का नवयुवक पूरी दुनिया की सोचता है वह अरब जाना चाहता है, रूस, चीन, जापान, आस्ट्रेलिया, इग्लैंड, अमेरिका, कनाड़ा इत्यादि देश में नौकरी और बिजनेस के लिए जाना चाहता है।
देश के इन दुश्मनों ने जो बेकसूरों को अपना शिकार बना रहे हैं, दुनिया में देश की छवि को ख़राब कर के रख दिया है। क्या देश में अराजकता फैलाने से देश का विकास हो सकता है? देश में नफरत, भय, घृणा और अशांति के फैलाने से समाज को एक सोचनीय स्थिति में खड़ा कर दिया है।
हम पाठकों से यह अपील करते हैं कि अफवाहों को बिल्कुल जगह न दें, अफवाहें न फैलाएं और न भीड़ का हिस्सा बने, भीड़ में कई अपराधी तत्व, इंसान की शक्ल में शैतान भी शामिल हो जाते हैं।
आज भी हम सभी दोस्त हिन्दू- मुस्लिम उसी प्यार मोहब्बत से रहते हैं, हम इन तमाम अफवाहों को नज़रअंदाज करते हैं। हम इन तमाम शैतानी हरकतों को नकारतें हैं, हमें हमारे हिन्दू दोस्त अपने भाईयों से भी ज्यादा प्यारे हैं क्यूंकि वे हर परेशानी में, बिमारी में, खुशी में, गमी में साथ ख़ड़े रहते हैं। यह कौन है जो हमारे बीच नफरत डाल रहा है? कौन है जो एक भाई को भाई से जुदा कर रहा है? कौन है जो हमारा राजनीति शिकार करना चाहता है? हमारी संस्कृति प्यार की है। प्यार बांटतें चलो, क्या हिन्दू, क्या मुसलमां…
धन्यवाद। जयहिन्द।
-मो. इस्माईल