प्रशासन सोया पड़ा है और गाजियाबाद राजनगर एक्सटेंशन में लगातार लग रहा है जाम

गाजियाबादः बड़े शहरों में जाम एक बड़ी समस्या बन चुकी है। खास करके प्रमुख चैराहों पर जिससे लोगों को आए दिन जाम का सामना करना पड़ता है। इससे लोगों का काफी समय बर्बाद होता हैं। जाम के कारण लोग अपने काम की जगह समय पर नहीं पहुंच पाते। जाम की समस्या एक राजनगर एक्सटेंशन की नहीं है। बेइन्तहा शहरों की तरफ पलायन से देश के सभी शहरों में जाम समस्या बनी हुई है। भीड़ का यह आलम है कि ट्रेनों में महीनों में आरक्षित सीट मिल आती है। हम सुविधाओं की तरफ जा रहे हैं या परेशानियों ने जंगल में फंस रहे हैं।
जाम की समस्या का दूसरा प्रमुख कारण शहरों के टूटे ट्रैफिक सिग्नल्स की खराबी और पुलिस कर्मियों की कमी के चलते लोगों को रोजाना प्रमुख चैराहो पर जाम का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और रात के पीक आवर्स में रोजाना एक से दो घंटे तक लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
एनएच-58 पर भी मेरठ तिराहा, राजनगर एक्सटेंशन चैक, मोरटा कट, मुराद नगर और मोदी नगर कट पर भी जाम लगता है। शहर में सभी चैराहे जाम से कराह रहे हैं। रात में तो भले ही दो किलोमीटर की दूरी 10 से पंद्रह मिनट में पूरी होती हो लेकिन दिन में यही दूरी तय करने में 45 मिनट कभी और ज्यादा भी लग जाते हैं। लेकिन अब तो दिन और रात एक जैसे हो गये है लोग अपने गंतव्य तक न सिर्फ लेट लतीफ पहुंच रहे हैं, बल्कि यह जाम तनाव, चिड़चिड़ा और क्रोध का कारण बन रहा है। हालत तब और खराब हो जाती है जब स्कूल की छुट्टी होती है और बच्चों के वाहन चैराहों पर जाम में फंस जाते हैं। घर पहुंचने में देरी होने पर अभिभावक चिंतित होकर वाहन चालक से उनकी लोकेशन जानने को फोन करते हैं। जब तक बच्चे घर नहीं पहुंच जाते, तब तक उनकी सांस अटकी रहती है। शहर में दिन-ब-दिन विकराल रूप ले रहे जाम के सामने सारे विभाग पस्त दिख रहे हैं। जिला प्रशासन हो या पुलिस प्रशासन, नगर निगम, हो या जीडीए किसी भी विभाग के पास जाम रोकने के लिए इंतजाम नहीं हैं।
इस्मा टाइम्स गाजियाबाद ने जाम के इस दर्द को शिदद्त से महसूस किया। कुछ ऐसा ही हाल है हमारे गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन चैराहे का यहाँ दिन रात लग रहे भयंकर जाम ने जनता की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। दिनांक 26 अप्रैल, 2018 की रात के समय करीब 10 बजे राज नगर एक्सटेंशन के चैराहे पर भारी जाम था। जनता पूरी तरह परेशान बड़े-बड़े ट्रक रोड पर फंसे हुऐ लेकिन वहां पर किसी तरह का कोई प्रशाशन मौजूद नहीं था। उस जाम में 2 एम्बुलेंस भी फसे हुए थे सबसे बड़ी शर्म की बात ये है कि पुलिस की भी दो गाड़िया जाम में फसी हुई थी लेकिन उन्होंने भी जाम नहीं खुलवाया। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद पब्लिक अपनी गाड़ियों से बाहर निकली और जाम खुलवाया गया।
रिपोर्टः दीपक निगम, इस्मा टाइम्स, गाजियाबाद