राजस्थान और पश्चिम बंगाल के उपचुनावों में भाजपा हारी

नई दिल्ली, 1 फरवरीः आज आए उपचुनाव नतीजों ने भाजपा आला कमान को अपनी रणनीति बदलने पर बाध्य कर दिया है। देश की राजनीतिक दलों को यह नहीं भूलना चाहिए कि एक दिन सत्ता ने छुटना ही है। इसलिए समय की कद्र करते हुए देश की जनता के लिए उचित कदम उठाना चाहिए।
इन उपचुनावों में भाजपा के कब्जे वाली राजस्थान की दो लोकसभा अलवर एवं अजमेर और एक विधानसभा क्षेत्र मांडलगढ़ में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने तीनों सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, पश्चिम बंगाल की उलबेडिया लोकसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपना कब्जा बरकरार रखा और कांग्रेस के कब्जे वाली नोआपाड़ा विधानसभा सीट पर भी टीएमसी ने जीत दर्ज की।
राजस्थान में अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी कर्णसिंह यादव ने भाजपा उम्मीदवार जसवंत यादव को एक लाख 96 हजार से भी अधिक मतों से हराया। जसवंत यादव, वसुंधरा राजे सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। इसी तरह अजमेर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के रघु शर्मा ने भाजपा के रामस्वरूप लांबा को 84 हजार से अधिक वोटों से हराया। मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी विवेक धाकड़ ने भाजपा उम्मीदवार शक्ति सिंह को लगभग 13 हजार वोटों से हराया।
उत्तर 24 परगना जिले के नोआपाड़ा विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के सुनील सिंह को जीत मिली है। उपचुनाव में सुनील सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के संदीप बनर्जी को 63018 मतों से मात दी है। तृणमूल के सुनील सिंह को 101729 मत मिले जबकि भाजपा के संदीप बनर्जी को 38711 मत मिले। उलबेडिया लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार साजदा अहमद ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के अनुपम मल्लिक को हराया। साजदा को 664967 मत मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार अनुपम मल्लिक को 297697 मत मिले।
इन उपचुनावों से कांग्रेस को भी ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है क्यूंकि अभी बहुत बड़ी जंग आगे आने वाली है जिसके लिए अभी से तैयारी करनी होगी। नई घोषणाओं, नये वादों, नये जोश और नये ईमानदार लोगों के साथ आना होगा।