तमाम घोटलों के पीछे किसका हाथ???

प्रिय पाठको,
हमारे देश की कुल जनसंख्या 132 करोड़ के लगभग मानी जा रही है। अगर बड़े घोटलों की बात करें जो ये भ्रष्ट लोग जनता से अपना काला चिट्ठा छुपा नहीं पाए, जो जग जाहिर हुआ तो वह इतना है कि हर भारतीय करोड़ पति हो जाता। मैं इस लेख के साथ आपकी जानकारी के लिए विकीपीडिया का लिंक दे रहा हूं जिसमें चंद घोटालों का जिक्र है। आप खुद ही अपनी बुद्धि से यह पता कर सकते हैं कि हमारा देश गरीब क्यूं हैं, जो विकास हमारी सरकारें दिखा रही हैं वह विकास नहीं, एक तरह की लूट हैं अगर हम 132 करोड़ की जनसंख्या पर 185 रूपये लगातें हैं तों कितना होता है। हमारी सरकारें गरीब, किसान, और नौकरी पेशा लोगों पर टैक्स के नाम पर ख़ून चूस रही हैं। पहले अंग्रेज इस देश को लूट कर ले गए अब कुछ लोग देश को लूट कर विदेशों में बस गए हैं। कितनी हताशा की बात है कि बेचारा देशवासी सरहदों पर, खेतों में, सड़कों पर, नौकरीयों पर अपनी जिन्दगीयां घिस रहा है। कोई दो वक्त की रोटी के लिए रो रहा है। हरामख़ोर कहें या आदमख़ोर, गद्दार कहें या देशद्रोही कहें इनके के लिए क्या कहें?
इन बड़ी लूटों से साफ ज़ाहिर है इनमें बहुत लोगों का बड़ा हाथ होता है और लम्बें समय वाला काम होता है। सवाल हरेक के ज़हन में हो सकता है कि क्या तमाम कानून, सरकारी तंत्र, खुफिया तंत्र और पुलिस, सुरक्षा गरीब, भूखें, नंगों और कमज़ोरों के लिए हैं? क्या इसे ही प्रजातंत्र कहते हैं? क्या धन-दौलत या सम्पत्ति के अंधों के लिए इंसान की कोई श्रेणी है? आज जितने भी उपद्रवियों, गुंड्डों की फौज बन रही है यह सब क्या है? यह सारा चोरी, लूट, घोटाले का धन देश की एकता को कमजोर करने में लग रहा है।
यहां हम चंद घोटलों का जिक्र कर दें जैसे 2012 में इंडियन कोल एलोकेशन घोटला एक लाख 86 हजार करोड़ का हुआ, 2008 में 2जी स्पेक्ट्रम घोटला करीब एक लाख 76 हजार करोड़ का हुआ, 2012 ही में वक्फ बोर्ड जमीन घोटला करीब एक लाख 50 हजार करोड़ का हुआ, सन 2010 में काॅमनवैल्थ गैम्स घोटला लगभग 70 हजार करोड़ का हुआ, सन 2002 में तेलगी घोटला लगभग 20 हजार करोड़ रूपयों का हुआ। सन 1980 और 1990 में बोफोर्स घोटला लगभग 100 से 200 करोड़ रूपये का घोटला माना जा रहा है। सन 1990 में एक हजार करोड़ का चारा घोटला, 1990-91 में ही सौ करोड़ रूपये का हवाला स्केंडल, सन 1992 में पांच हजार करोड़ का हर्षद मेहता और केतन पारेख का स्टाॅक मार्केट घोटला जनता के सामने आए हैं।
हम आपकी जानकारी के लिए चंद विवादों के साये में रहे दुनिया के 7 बड़े हीरा कारोबारीयों के नाम भी दे रहें हैं ताकी हक़ीकत हमारे सामने रहे।
यह नया मामला पीएनबी घोटाले में फंसे नीरव मोदी का है जो बेल्जियम में पले-बढ़े हैं। पंजाब नैशनल बैंक के कर्मचारियों की सहायता से उन्होंने फर्जी तरीके से 11,300 करोड़ रुपये बैकों से लिए। घोटाले के सामने आने के कुछ दिन पहले ही नीरव देश छोड़ चुके हैं।
कोलंबिया में जन्मे और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में सोना और जेम का कारोबार करनेवाले अलेहांद्रो मेंदिएता कुछ वक्त पहले तक काफी लग्जरी लाइफ जीते थे। उनके पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां आलीशान मकान आदि सब थे, लेकिन 2017 में मेलबर्न पुलिस ने 30 डकैतियों की जांच के दौरान उनके स्टोर्स और घर पर छापा मारा और इनकी करोड़ों की संपत्तियां को सीज कर लिया है।
भारत के बड़े लोन डिफॉल्टर्स में शामिल जतिन मेहता के विनसम ग्रुप पर बैकों का 8,600 करोड़ रुपये कर्ज है। मेहता और उनका परिवार लोन डिफॉल्ट की कार्रवाई शुरू होते ही भारत छोड़कर निकल गया। मेहता परिवार ने सेंट किट्स की नागरिकता ले ली। भारत का सेंट किट्स के साथ कोई भी प्रत्यर्पण समझौता नहीं है।
इजरायली डायमंड एक्सचेंज की शिकायत के बाद दुनिया के बड़े हीरा कारोबारियों मे शामिल हैनन अब्रामविच को गिरफ्तार किया गया था। उनपर हीरा लेने के बदले कारोबारियों को पैसे नहीं देने का आरोप था। रिपोर्ट्स के अनुसार उन पर कुल बकाया राशि 55-65 मिलियन डॉलर के आसपास थी।
फिल्म फाइनैंसर और हीरा कारोबारी भरत शाह को दाऊद इब्राहिम के साथी छोटा शकील के साथ रिश्ता रखने के आरोप में 2011 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 14 महीने जेल में गुजारने पड़े थे। 2003 में उन्हें एक साल की सजा हुई थी।
डायमंड कारोबारी बेनी स्टाइन्मट्ज पर गिनी में माइनिंग के दौरान धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। उन्हें साल 2016 में इन आरोपों के बाद हिरासत में लिया गया था।
सिएरा लियोन के 5 नागिरकों की शिकायत के बाद बेल्जियम की जांच एजेंसियों ने हीरा कारोबारी मिशेल डसेडेलियर को स्पेन से गिरफ्तार किया था। उन पर सिएरा लियोन के सिविल वॉर (1991-2002) के दौरान स्थानीय माइन वर्कर्स को बंधक बनाने और उनके शोषण का आरोप था।
आप सोच रहे होंगे कि मैंने तमाम घोटालों में किसका हाथ का उत्तर तो दिया ही नहीं, मेरे प्यारे पाठकों यह आप खूब जानते हो, चोर-चोर मौसेरे भाई। जी मैंने विकीपीडिया में घोटलों का लिंक देना था वह यह हैं-
https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_scandals_in_India
प्यारे देशवासियों इन चंद घोटलों से भी अगर आप नहीं समझे तो याद रखिए हमारी मेहनत की कमाई ऐसे लूटरे ले उडेंगे जिन्हें हमारी सरकारें कभी वापिस नही ले पाऐंगी और हम हाथ मलते रह जाऐंगे। हमें ईमानदान सरकार, ईमानदार नेताओं को लाना है देश को बचाना है। देश के हर नागरिक को आत्मनिर्भर बनाना है।
जय हिन्द।
-मोहम्मद इस्माईल, मुख्य संपादक