किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग द्वारा ट्रांस मेडिकान 2017 कांफ्रेंस एवं वर्कशाप का उद्घाटन

लखनऊ, 2 नवम्बर, 2017ः किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग द्वारा ट्रांस मेडिकान 2017 की प्री कांफ्रेंस एवं वर्कशाप का उद्घाटन कलाम सेण्टर में हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डा0 प्रीति कुमार अध्यक्ष आकांक्षा समिति, कार्यक्रम अध्यक्ष चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मदनलाल ब्रह्म भट्ट एवं विशिष्ठ अतिथि प्रो0 शादाब मोहम्मद, अधिष्ठाता दंत संकाय, प्रो0 विनोद जैन अधिष्ठाता पैरामेडिकल संकाय उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डा- प्रीति कुमार ने ब्लड ट्रांसफ्यूजन टेक्नोलाजी मे प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा की ऐसी कार्यशालाओं से इस तकनीक के विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्राप्त होगा तथा वो जनसमान्य की सेवा कर सकेंगे। रक्त न केवल जीवन बचाता है बल्कि यह जीवन दायक है। रक्त द्वारा मातृ एवं शिशु का आपसी सम्बंध स्थापित होता है। इतिहास में बेगम मुमताज महल का उद्धरण देते हुए कहा कि सम्भवतः बेगम मुमताज की मृत्यु अत्यधिक रक्त स्राव के कारण हुई किन्तु अब स्थिति बदल गई है। स्वीडन में प्रसूति के पश्चात रक्त स्राव से होने वाली मृत्यु की दर अत्यधिक कम है उस दर को प्राप्त करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो0 मदनलाल ब्रह्म भट्ट ने ब्लड ट्रांसफ्यूजन की महत्ता को बताते हुए कहा की केजीएमयू में 4000 से अधिक बेड है तथा आउट डोर में रोजाना 6 से 8 हजार मरीज आते है। इन सबकी रक्त की आपुर्ति निर्बाधरूप से ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग द्वारा की जाती है। इसके लिए उन्होने प्रो0 तूलिका चंद्रा की सराहना की। उन्होने बताया की विश्वविद्यालय द्वारा नेट टेस्ट से युक्त सुरक्षित रक्त मरीजो को प्रदान किया जाता है।
डा0 विनोद जैन ने बताया कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन टेक्नोलाजी में प्रशिक्षण हेतु 30 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण के लिए प्रस्ताव शासन को के0जी0एम0यू0 इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल साइंसेज द्वारा भेजा गया है। जिसकी शीघ्र ही सहमति शासन से मिल जायेगी। विजन 2025 का उल्लेख करते हुए उन्होंने का कि रक्त की मांग कम हो सकती है परंतु ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के आयाम स्टेम सेल बैकिंग, स्कीन, बोनमैरो बैंकिंग, क्रायोबायोलाजी एवं जेनेटिक मैनुपुलेशन के रूप में अत्यन्त विस्तृत है एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग इस क्षेत्र की ओर अग्रसर है।
उपरोक्त कार्यक्रम में प्रो0 तुलिका चंद्रा, विभागाध्यक्ष, ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने बताया कि आज के इस प्री-कांफ्रेस में चार कार्यशालाओ का आयोजन किया गया। इस तरह की कार्यशालाएं ब्लड बैंकर्स के शिक्षण एवं प्रशिक्षण एवं विद्यार्थियों के प्रशिक्षण में अहम योगदान देती है। उपरोक्त कार्यशालाओं का विषय ब्ल्ड बैकिंग में गुणवत्ता का निर्धारण एवं प्उउनदवीमउंजवसवहल की गुणवत्ता में किस प्रकार से सुधार किया जाए, किस प्रकार क्वालिटी कंट्रोल किया जाए इस सम्बंध में वक्ताओं द्वारा बताया गया। कार्यक्रम में ब्लड बैंकर्स को रक्त संक्रमण के विभिन्न प्रतिक्रियाओं के सम्बंध में बताया गया। दूसरे वर्कशाप में ब्लड बैंकर्स और चिकत्सकों एवं बाल चिकित्सकों को प्लास्माफेरेसिस को किस प्रकार कर रोगियों का जीवन को बचाया जाए इस सम्बंध में भी बताया गया।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन सचिव इण्डियन सोसाइटी आफ ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की मनीषा श्रीवास्तव द्वारा किया गया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संयोजन प्रो0 तुलिका चंद्रा विभागाध्यक्ष ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग, केजीएमयू द्वारा किया गया।
द्वारा: अफजल शाह मदूदी, एडीटर