उचित मार्गदर्शन से ही मिल पाती है असाधारण सफलता: सक्सेस गुरु के मिश्रा

नई दिल्लीः चाणक्या आईएएस एकेडमी के संस्थापक एवं चेयरमैन एके मिश्रा द्वारा शाह ऑडिटोरियम में आयोजित सेमिनार में 1000 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मकसद छात्रों को प्रेरित करना तथा बदलावों के प्रति उन्हें जागरूक करना था और साथ ही उनकी सफलता की राह में रुकावट बनने वाली शंकाओं को दूर करते हुए उनकी मदद करना था। सेमिनार का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू और भाजपा के पूर्व महासचिव संजय जोशी ने किया। इस सम्मेलन का मकसद उन छात्रों को सिविल सर्विसेज परीक्षा के बारे में स्पष्ट समझ और जानकारी देना था जो सिविल सेवा का हिस्सा बनना चाहते हैं। ऑडिटोरियम ऐसे इच्छुक और उत्साही छात्रों से खचाखच भरा हुआ था जो सक्सेस गुरु एके मिश्रा का अमूल्य मार्गदर्शन का हिस्सा बनने को लेकर खुश थे।
guru-k-mishra.jpeg-mainचाणक्या आईएएस एकेडमी ने अपने सफल अभ्यर्थियों श्री चंदन पांडेय (आईआरएस, कस्टम एंड एक्साइज) तथा श्री आशुतोष द्विवेदी (आईपीएस) को भी इस कार्यक्रम में आयोजित किया था और उन्होंने सिविल सेवा में हिस्सा लेने जा रहे अभ्यर्थियों को अपने अनुभव बताए तथा छात्रों को सफलता के टिप्स तथा उचित गाइडेंस बताए। श्री पांडेय ने यूपीएससी में आए नए बदलाव, उपयुक्त पुस्तकें, तौर-तरीके, सिलेबस का स्तर, वांछित समय, अंक देने की पद्धति, उत्तर देने का माध्यम और अभ्यर्थियों को सभी शंकाएं दूर करने के बारे में जानकारी दी। लेकिन सक्सेस गुरु एके मिश्रा ने अपना विशाल अनुभव और सिविल सर्विसेज से संबंधित सबसे आम प्रचलित मिथकों के बारे में गूढ़ जानकारी प्रदान की। तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर उन्होंने साबित कर दिखाया कि दरअसल परीक्षा में इतनी बड़ी तादाद में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को देखकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को एक अधिकारी की तरह सोचने की जरूरत पर जोर दिया।
मिश्रा ने यह कहकर अभ्यर्थियों को प्रेरित किया, “सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों को विषयगत तैयारी की तरह नहीं बल्कि एक बेहतर प्रशासक के तौर पर देखना चाहिए। सफलता हासिल करने के लिए छात्रों को अन्य बातों पर विशेष ध्यान देते हुए कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास, लक्ष्य केंद्रित, समय प्रबंधन और ऊर्जा प्रबंधन पर केंद्रित होना चाहिए। उचित मार्गदर्शन और प्रेरणा ही असाधारण परिणाम दे सकता है और यही वजह है कि हमने आर्ट ऑफ सक्सेस कार्यक्रम की शुरुआत की है। इससे अभ्यर्थियों को आशंकाएं दूर करने तथा सफलता हासिल करने में मदद मिलती है।”
आईपीएस श्री आशुतोष जोशी ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चे को आईएएस या पीसीएस अधिकारी बनने की तो कल्पना कर लेते हैं लेकिन उनके शैक्षणिक जीवन में अक्सर सशंकित माहौल बनाया जाता है जिससे अभ्यर्थियों के मन में असंतोष पनप जाता है और वे अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। बहुत हद तक इसी वजह से छात्र अपना सपना त्याग देते हैं। लेकिन इस तरह की प्रेरणादायक बातों ने मुझे अपना सपना साकार करने में मदद की है।” सक्सेस गुरु ने खास क्षमताओं, नैतिकताओं, सामाजिक दायित्वों और सक्षम दिमाग के विकास पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन किया और कई प्रेरणादायी कहानियों के जरिये उनमें अदम्य उत्साह जगाया, उन्हें फिल्मों की क्लिप्स दिखाई गई और प्रेरणादायी वाकयों से उनमें ऊर्जा का संचार किया गया। इस सेशन में अभ्यर्थियों के भय और आशंकाओं के बारे में भी जाना या और सिविल सर्विसेज परीक्षा से जुड़े मिथकों को दूर किया गया। उन्होंने सेमिनार के अंत में सभी छात्रों को भविष्य के प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। समारोह का समापन कई दिलचस्प और मार्गदर्शक अनुभवों के साथ हुआ।