ब्रह्मांड में 2000 अरब तारामंडल, ऐसा दावा है खगोल वैज्ञानिकों का

लंदन. हमारे ब्रह्मांड में तारामंडलों की संख्या अब तक सोची जाती रही संख्या के 10 गुना से भी ज्यादा है. एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि ब्रह्मांड में तारामंडलों की संख्या दो हजार अरब है. खगोलविज्ञानियों ने लंबे समय पहले यह जानने की कोशिश की थी कि आकलन योग्य ब्रह्मांड में तारामंडलों की संख्या कितनी है. यह ब्रह्मांड का वह हिस्सा है, जहां सुदूर पिंडों से प्रकाश को हम तक आने का समय मिलता है.
पिछले 20 साल में वैज्ञानिकों ने हब्बल स्पेस टेलीस्कोप से मिली तस्वीरों का इस्तेमाल करके यह आकलन किया कि जिस ब्रह्मांड को हम देख सकते हैं, उसमें लगभग 100 से 200 अरब तारामंडल हैं.
ब्रिटेन के नॉटिंघम विश्वविद्यालय के क्रिस्टोफर कंसेलिस के नेतृत्व में काम करने वाले शोधकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा प्रौद्योगिकी के जरिए हम इन तारामंडलों के सिर्फ 10 प्रतिशत का ही अध्ययन कर सकते हैं. बड़े और बेहतर दूरदर्शी विकसित कर लिए जाने पर ही शेष 90 प्रतिशत हिस्से को देखा जा सकता है.
कंसेलिस ने कहा, ‘हम तारामंडलों के बड़े हिस्से को देख नहीं पाते क्योंकि वे बहुत हल्के और दूर हैं. ब्रह्मांड में तारामंडलों की संख्या खगोलविज्ञान का एक मूलभूत सवाल है और यह दिमाग को चकराकर रख देती है कि 90 प्रतिशत तारामंडलों का अध्ययन किया जाना अब भी बाकी है.’ यह शोध ‘द एस्ट्रोफिजीकल जर्नल’ में प्रकाशित हुआ.
सोचने का विषय यह है कि हम कम अकल इंसान यह समझने की कोशिश नहीं करते हैं कि यह पहला आसमान है और ऐसे छः आसमान और ऊपर हैं उनमें क्या-क्या है. इस ब्रह्मांड में जिसमें हम रहते हैं इसकी जानकारी हम सबके बनाने वाले, इस दुनिया को बनाने वाले ने, और इस ब्रह्मांड को और इस ब्रह्मांड में रहने वाले तमाम चीजों, मख्लूकों को बनाने और पालने वाले ने पहले ही अपने दूतों के द्वारा हम तक पहुंचा दी है. आज हम दुनिया को नापने में लगे है कितना क्षेत्रफल है, कितनी चांद की दूरी है, सूरज की दूरी है और कितनी मंगल और न जाने क्या-क्या? आख़िर वह जानकर करेगा क्या? जो जानना चाहिए वह जानने की कोशिश नहीं कर रहा है.
अभी सिर्फ 10 प्रतिशत पहले आसमान का एक हिस्सा जिसमें 200 अरब तारामंडल हैं. सोचने और गौर करने की बात है अभी पहले आसमान का 90 प्रतिशत हिस्सा बाकी है उसमें कितने तारामंडल होंगे. प्रिय पाठको हम सब इंसानों को अपने पालनहार को पहचानने की कोशिश करनी चाहिए. वह कौन है? जिसने यह सब बनाया है? कोई न कोई सारी चीजों को बननाने वाला तो होगा ही इस बात से बिल्कुल इंकार नहीं किया जा सकता है.
-एजेंसी/आईटीएन