काले धन पर मोदी ने दिया 3 महीने का वक्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जो लोग 30 सितंबर तक अपनी अघोषित आय की घोषणा कर देंगे, सरकार उनके ख़िलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी. ‘मन की बात’ के एक कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि जिन लोगों के पास अघोषित आय है, उनके पास ये आखिरी मौका है और ऐसा नहीं करने पर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने लोगों को काला धन घोषित करने का मौका दिया है और जुर्माना देकर कई तरह के बोझ से मुक्त हुआ जा सकता है. मोदी ने कहा, “मैंने ये भी वादा किया है कि स्वेच्छा से जो अपनी मिल्कियत के संबंध में, अघोषित आय के संबंध में, सरकार को जानकारी दे देंगे, सरकार उनकी किसी भी प्रकार की जांच नहीं करेगी.”

मोदी ने कहा, “उनसे ये नहीं पूछा जाएगा कि इतना धन कहां से आया, कैसे आया- एक बार भी पूछा नहीं जाएगा. इसलिए मैं कहता हूं कि अच्छा मौका है कि आप एक पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा बन जाइए.”

मोदी ने कहा, “मैं देशवासियों से कहना चाहता हूं कि 30 सितम्बर तक की ये योजना है, इसको एक आखिरी मौका मान लीजिए. मैंने बीच में हमारे सांसदों को भी कहा था कि 30 सितंबर के बाद अगर किसी नागरिक को तकलीफ हो, जो सरकारी नियमों से जुड़ना नहीं चाहता है, तो उनकी कोई मदद नही हो सकेगी.”

उन्होंने ‘आपातकाल की काली रात’ के बारे में कहा कि 39 साल पहले लोगों की आवाज दबा दी गई थी, लेकिन देश की जनता ने लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नहीं छोड़ा और उसका ही नतीजा है कि अब जनता खुद तय कर रही है कि सरकार कैसा काम कर रही है.

मोदी ने कहा, “कभी-कभी कुछ लोग मेरे मन की बात कार्यक्रम का मजाक उड़ाते हैं और इसकी आलोचना भी करते हैं. ये इसीलिए संभव है क्योंकि हम लोकतंत्र के बारे में प्रतिबद्ध हैं”.

आय में भारी अंतर से समाज में बिगाड़ आ रहा है, जनता धन के नशे में मदमस्त है। शहरों का भारी संख्या में कंकरीटीकरण, पलायन, बेवजह तनख्वाह का बढ़ाना समस्याओं को पैदा कर रही है। एक तरफ बेरोजगारी है, प्राईवेट नौकरी, शोषण, भुखमरी है। सरकार सब जानती है कि हमारे देश में कुछ अमीरों के हर शहर में प्रोपर्टी हैं, बैंकों में अलग-अलग फर्जी एकाउंटस हैं। अन्याय की हद होती है। यह भी एक तरह का ज़ुल्म ही है कि हमारी एक आंख काम नहीं करती है।

अगर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी देश के कालेधन काबू पाने में कामयाब हो जाए तो देश की गरीबी दूर हो जाएगी।