बान की मून बोलें- मुस्लिम बन रहे हैं कट्टरपंथ का सबसे बड़ा निशाना

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा मुस्लिम समुदाय के लोग कट्टरपंथ का निशाना बन रहे हैं और कट्टरपंथियों का मकसद हमें धर्म, क्षेत्र और नागरिकता के नाम पर आपस में बांट कर दहशत का साम्राज्य स्थापित करना है।

मून ने हिंसक कट्टरपंथ पर रोक लगाने से संबंधित एक सम्मेलन में कल कहा कि हिंसक कट्टरपंथ किसी भी धर्म, क्षेत्र, नागरिकता अथवा समूह से जुड़ा हुआ नहीं है। इस्लामिक स्टेट और बोको हराम जैसे संगठनों का मकसद लोगों को विभिन्न आधार पर आपस में लड़ा कर दहशत का माहौल पैदा करना है, लेकिन हम एकजुट होकर इस तरह के संगठनों की मंशा को विफल कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हिंसक चरमपंथ से संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र और वैश्विक मानवाधिकार घोषणापत्र को सीधा खतरा है। कट्टरपंथी संगठन विश्व में शांति एवं सुरक्षा स्थापित करने, सतत विकास को बढावा देने, मानवाधिकार के प्रति सम्मान को प्रोत्साहित करने और मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की सामूहिक कोशिशों को विफल कर सकते हैं।