बोर्ड परीक्षा और कुछ जरुरी बातें

-अर्चना चतुर्वेदी-

बोर्ड के एग्जाम नजदीक हैं और बच्चों के उपर तनाव बढ़ता जा रहा है। इस तनाव के चलते कुछ बच्चे नींद न आना, भूख न लगना और बैचेनी जैसी कई बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। यहाँ तक कि कुछ बच्चे आत्महत्या का कदम भी उठा लेते हैं। ये सही है कि आजकल कम्पटीशन और बच्चों पर अच्छे नंबर लाने का दबाब होता है लेकिन इसके साथ ऐसी चीजे भी बढ़ गयी है जो बच्चों को पढाई से दूर कर रही हैं जैसे इंटरनेट, मोबाईल, आईपैड और ये सभी वस्तुएं उन्हें उनके माँ बाप दे रहे हैं और इनके चलते बच्चे अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं। पढाई का स्तर गिर चुका है सिर्फ नंबर ज्यादा लाने की होड है। ज्यादा नंबर लाने का दबाब भी माँ बाप ही दे रहे हैं क्योंकि उनका स्टेटस सिम्बल जो है। बच्चे पूरे साल मस्ती करते हैं और परीक्षा से कुछ दिन पहले पढ़ने का दबाब इतना बढ़ जाता है कि वो परेशान हों जाते हैं। ये बात माँ बाप को ही समझनी होगी कि बच्चे को सही वक्त पर समझाए और हर बच्चा 90 प्रतिशत नहीं ला सकता तो उस पर इतना दबाब ना बनाये कि बेचारा तनावग्रस्त हों जाये।

अब समय कम रह गया है इसलिए बच्चे की पढाई के साथ-साथ उसकी सेहत का और आराम का भी ख्याल रखें। बच्चे को पौष्टिक आहार दें, कम से कम आठ घंटे की नींद भी जरुरी है और टाइम टेबल ऐसा हो जिसमें बच्चा बीच-बीच में आराम कर सके। सीबीएससी की वेवसाईट पर सैम्पल पेपर मौजूद हैं इस वक्त जरुरी है कि बच्चे इन पेपर को सोल्व करें और पेपर सोल्व करते वक्त समय का ध्यान रखें, जिससे बच्चे को लगातार तीन घंटे बैठकर पेपर लिखने की आदत बन जायेगी और इससे बोर्ड के एग्जाम में पेपर अधूरा नहीं छूटेगा। इसी तरीके के अन्सोल्व पेपर मार्केट में भी उपलब्ध हैं, कम से कम रोज एक विषय का पेपर जरुर करे।

कुछ जरुरी बातें:

बच्चे कई बार यह ही भूल जाते है कि कब कौन सा पेपर है?

इसके लिए जैसे ही डेट शीट मिले उसे अपने स्टडी टेबल पर या अपने कमरे की दीवार पर लगा लें और रोज उस पर ध्यान दें।

पेपर देने के लिए जो पैन इस्तेमाल करना है, उससे कुछ दिन पहले ही लिखना शुरू कर दे, जिससे उस पैन से लिखने की प्रेक्टिस हो जाये।

बोर्ड के परीक्षा पर जाने से पहले अपना सभी सामान जैसे 2-3 पैन, पेंसिल, रबड़, स्केल, प्रवेश-पत्र इत्यादि सभी को ध्यान से रख लें।

परीक्षा के दौरान किसी से भी बात ना करे।

अपना रोल नंबर और नाम साफ-साफ लिखें।

प्रश्न-पत्र में सभी प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और जिस प्रश्न का उत्तर लिखते जाये उस पर निशान लगा लें।

काॅपी में सभी प्रश्नों के उत्तर साफ-साफ लिखें।

जिन प्रश्नों के उत्तर जयादा अच्छे से आते हैं उन्हें पहले लिखें।

हैडिंग को बोल्ड कर दें।

पेपर सेक्शन वाइज करें।

एक बार पूरा पेपर हो जाने पर सभी उत्तर ध्यान से पढ़े कि जल्दी में कुछ छूट तो नहीं गया।

प्रश्न-पत्र पर कुछ नही लिखें।

कापी पर काट-पीट नहीं करे, साफ-साफ लिखें।

यदि एक से ज्यादा काॅपी लगे तो उन सभी को अच्छे ढंग से जोड़े क्योंकि यदि आप सही ढ़ंग से नहीं जोडेंगे तो काॅपी अलग होने का डर रहेगा।

परीक्षा से पहली रात ठीक से सोये क्योकि यदि नींद पूरी नहीं हुई तो परीक्षा में नींद आएगी और पेपर ठीक से नहीं हो पायेगा।

पेपर से पहले रिलेक्स और शांत रहने की कोशिश करे। बार-बार ना पढ़े नहीं तो आपको लगेगा कि आपको कुछ नहीं आता और तनाव बढ़ेगा।

और सबसे जरुरी बात एक बार जिस विषय का परीक्षापत्र हो गया जैसा भी हुआ उसे घर आकर बार-बार ना पढ़ें बेकार में तनाव होगा, जो हो गया वो हो गया, अब अगले विषय के बारे में सोचें।

हमें उम्मीद है कि अगर बच्चे उपर बताई गई बातों पर अम्ल करेंगे तो जरूर कामयाबी हासिल होगी।